नई दिल्ली: 28 नवंबर 2025 को रिलीज़ हुई “Tere Ishq Mein” ने पहले ही दिन सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोरी।
Dhanush और Kriti Sanon की जोड़ी पहले से ही फैंस के बीच लोकप्रिय है, और निर्देशक Aanand L Rai की फिल्में हमेशा उम्मीदें बढ़ा देती हैं—लेकिन इस बार रिएक्शन मिला मिले-जुले।
क्या अच्छा लगा?
दमदारऐक्टिंग
अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया।
Dhanush ने एक भावुक और जटिल किरदार निभाया, जिसे कई आलोचकों ने फिल्म की हाईलाइट कहा।
Kriti Sanon अपने किरदार “मुक्ति” में काफी स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखीं।
(स्रोत: Jagran, Navbharat Times, AajTak)
इमोशनल म्यूजिक और स्कोर
फिल्म का म्यूजिक कहानी के इमोशनल टोन को और भी मजबूत करता है।
कई दर्शकों ने कहा कि बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म को नए लेवल पर पहुंचाया।
(स्रोत: NDTV India, Jagran)
मज़बूत पहला हाफ
पहला आधा तेज़ रफ्तार, भावनाओं से भरा और रोमांस-संघर्ष के संतुलन वाला लगता है।
कहानी वहाँ तक पकड़ बनाए रखती है और दर्शक जुड़ते चले जाते हैं।
(स्रोत: Samacharnama, Wikipedia)
क्या उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा?
कमजोर सेकेंड हाफ
समीक्षकों ने माना कि फिल्म का दूसरा हाफ कमजोर पड़ जाता है।
लंबी रनटाइम और ढीली पटकथा की वजह से शुरुआत की चमक फीकी दिखने लगती है।
(स्रोत: Wikipedia, Jagran)
‘टॉक्सिक लव’ पर सवाल
फिल्म में रिश्तों की तीव्रता कभी-कभी “टॉक्सिक” ज़ोन में चली जाती है।
कुछ आलोचकों ने कहा कि ओवर-इंटेंस प्यार को सामान्य दिखाने की कोशिश दर्शकों को असहज कर सकती है।
(स्रोत: Jai Hind Janab, NewsBytes)
क्लाइमेक्स में कमी
बेहतरीन एक्टिंग और अच्छा म्यूजिक होने के बावजूद कहानी की अनियमितता और कमजोर क्लाइमेक्स फिल्म को “ग्रेट लव स्टोरी” बनने से रोक देता है।
(स्रोत: Jagran, Samacharnama)
निष्कर्ष
“Tere Ishq Mein” उन दर्शकों के लिए ठीक-ठाक पसंद आ सकती है, जिन्हें इमोशनल और ड्रामैटिक प्रेम कहानियाँ पसंद हैं।
पहला हाफ मजबूत है, एक्टिंग शानदार है, संगीत दिल छूता है—लेकिन सेकेंड हाफ फिल्म को पीछे खींच लेता है।
क्या फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरती है?
जवाब शायद यही है— “थोड़ी हाँ… लेकिन पूरी नहीं।”



