ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में एक ऐसा बदलाव हो रहा है जो तीन साल पहले तक नामुमकिन लगता था। अब iPhones से ज्यादा पैसा कमा रहे हैं AI सर्वर। पहली बार ऐसा हुआ है कि ताइवान के मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज, जो स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने के लिए मशहूर थे, अब अपनी असली कमाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर से कर रहे हैं।
iPhone से आगे निकले AI सर्वर
Apple को जहां iPhone बनाने में दो दशक लगे, वहीं AI सर्वर ने महज तीन साल में ही उस इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया। Foxconn जैसे दिग्गज अब अपने बिज़नेस को डाइवर्सिफाई कर रहे हैं और स्मार्टफोन से ज्यादा दांव AI सर्वर्स पर लगा रहे हैं।
सर्वर मैन्युफैक्चरिंग में ताइवान की बादशाहत
ताइवान का दुनिया के AI सर्वर बाजार में दबदबा किसी से छुपा नहीं है। ग्लोबल AI सर्वर प्रोडक्शन का 90% और सभी सर्वर शिपमेंट का करीब 80% हिस्सा अकेले ताइवान से आता है। यह ताकत ताइवान ने पिछले दशकों में नोटबुक कंप्यूटर इंडस्ट्री से हासिल की, जो अब AI युग में उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।
ताइवान के Ministry of Economic Affairs के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2024 के बीच सर्वर प्रोडक्शन वैल्यू NT$426.7 बिलियन (करीब US$13.2 बिलियन) रही। यानी सात महीने में ही 2023 का पूरा आंकड़ा पीछे छूट गया—153.9% की वार्षिक वृद्धि!
दिग्गज कंपनियों की बढ़ी कमाई
- Wistron की कमाई जनवरी-जुलाई 2025 में 92.7% बढ़ी
- Quanta की कमाई इसी अवधि में 65.6% बढ़ी
Foxconn की कहानी सबसे दिलचस्प है। 2021 में कंपनी की 54% कमाई कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से होती थी। लेकिन 2025 की दूसरी तिमाही में यह घटकर 35% रह गई। वहीं, क्लाउड और नेटवर्किंग बिजनेस 41% तक पहुंच गया। यानी अब पहली बार Foxconn की कमाई स्मार्टफोन से ज्यादा AI सर्वर्स और क्लाउड से हो रही है।
Quanta का AI सर्वर फोकस
Quanta Computer, जो Nvidia चिप्स से पावर्ड AI सर्वर बनाती है, ने दावा किया है कि इस साल उसके सर्वर रेवेन्यू का 70% हिस्सा AI सर्वर से आएगा। कंपनी के पास Microsoft, Amazon, Google और Meta जैसे बड़े क्लाउड प्लेयर्स के ऑर्डर हैं और अब Nvidia के नए GB200 सर्वर के लिए प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा है।
Wistron की रणनीति
Wistron ने Nvidia के HGX Level 6 और DGX Level 10 सर्वर्स के ऑर्डर सुरक्षित कर लिए हैं। इसके अलावा AMD के नए MI300 सीरीज बोर्ड्स के लिए भी डील हासिल की है। डिमांड इतनी ज्यादा है कि Nvidia ने पूरा Wistron प्लांट AI सर्वर प्रोडक्शन के लिए बुक कर लिया है।
मार्केट पर असर
Quanta और Wistron जैसे ODMs (Original Design Manufacturers) की कमाई अब तेजी से बदल रही है। मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट्स साइन हो चुके हैं, जो 2026 तक डिमांड और रेवेन्यू की गारंटी देते हैं। यह स्थिरता पहले कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस में बहुत कम देखने को मिलती थी।
BofA Global Research के रॉबर्ट चेंग के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में ताइवान ODMs की सेल्स ग्रोथ इस बड़े बदलाव का सबूत है।
आने वाली चुनौतियां
हालांकि, ताइवान की 90% ग्लोबल मार्केट शेयर लंबे समय तक बनी रहे, इसकी गारंटी नहीं है। कंपनियां अब US, मैक्सिको और दूसरे देशों में भी सर्वर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खोल रही हैं।
चुनौती यह होगी कि ताइवान अपने टेक लीडरशिप को बनाए रखते हुए इन नई जियोपॉलिटिकल और मार्केट कंडीशंस के हिसाब से कैसे एडजस्ट करता है।
नतीजा: इंडस्ट्री का पूरा चेहरा बदला
AI सर्वर बूम ने ताइवान की पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बदल दिया है। अब स्मार्टफोन और लैपटॉप असेंबलिंग ही मुख्य काम नहीं, बल्कि AI इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना सबसे बड़ा धंधा बन चुका है।
यह साफ है कि ताइवान ने एक बार फिर अपने आपको टेक्नॉलजी बदलाव के हिसाब से रीइंवेंट कर लिया है। आने वाले साल तय करेंगे कि यह बढ़त कितने लंबे समय तक कायम रहती है।


