🌧️ दिल्ली और NCR की सुबह बारिश के कहर से मुश्किल भरी रही। तेज़ मॉनसून ने गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा तक को पानी-पानी कर दिया। कहीं सड़कें गायब हो गईं तो कहीं अंडरपास तालाब बन गए।
पानी में डूबी सड़कें, रेंगती गाड़ियां 🚗💦
सुबह ऑफिस जाने वालों के लिए हालात सबसे बुरे रहे। जगह-जगह पानी भरने से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
👉 दिल्ली के ITO, धौला कुआं, नरैना, पटेल नगर, विजय चौक, जंगपुरा और रोहिणी जैसे इलाकों में लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
👉 बुराड़ी में तो हालात और खराब रहे—सड़कें तालाब में बदल गईं और पानी का लेवल इतना बढ़ गया कि सड़कें दिखाई ही नहीं दे रही थीं। छिपे गड्ढों की वजह से एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ गया है।
IMD का रेड अलर्ट ⚠️
मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। अनुमान है कि दोपहर तक तेज़ बारिश जारी रह सकती है और आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश भी होती रहेगी।
✔️ राहत की बात ये है कि उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
गर्मी और प्रदूषण से राहत, लेकिन ट्रैफिक बना सिरदर्द 🚦
बारिश से तापमान गिरा और दिल्ली में सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम है।
👉 CPCB के मुताबिक सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI ‘संतोषजनक’ कैटेगरी में दर्ज हुआ। यानी फिलहाल सांस लेना आसान है।
हर साल वही कहानी… कब मिलेगी राहत? 😓
दिल्ली में मॉनसून आते ही हर साल यही हाल होता है। चाहे पॉश इलाका हो या आम मोहल्ला, जलभराव और जाम से लोग बेहाल हो जाते हैं।
लोगों का बड़ा सवाल यही है—
👉 “आखिर कब उन्हें बारिश में डूबने और घंटों ट्रैफिक में फंसने से राहत मिलेगी?”


