करियर डेस्क, नई दिल्ली: नई जॉब ऑफर या प्रमोशन का मौका मिले तो अक्सर मन में डर और शक पैदा हो जाता है। लेकिन Accenture की CEO जूली स्वीट का कहना है कि ऐसा मौका डर की वजह से ठुकराना आपके करियर की सबसे बड़ी गलती हो सकती है। वे मानती हैं कि प्रमोशन सिर्फ पिछले प्रदर्शन का इनाम नहीं, बल्कि आपकी भविष्य की संभावनाओं में निवेश है। आइए, जूली स्वीट के इस प्रेरक सलाह को आसान भाषा में समझते हैं।
जूली स्वीट की करियर जर्नी
जूली स्वीट ने कभी नहीं सोचा था कि वे एक दिन Accenture जैसी दिग्गज कंपनी की CEO बनेंगी। वे बिजनेस या कंसल्टिंग बैकग्राउंड से नहीं, बल्कि कानूनी पृष्ठभूमि से थीं। लेकिन जब उनके बॉस ने कहा कि वे कंपनी चला सकती हैं, तो उन्होंने डर को दरकिनार कर मौके को अपनाया। यही सोच उन्हें जनरल काउंसल से लेकर नॉर्थ अमेरिका की लीडर और फिर 2019 में ग्लोबल CEO तक ले गई। स्वीट कहती हैं, “खुद पर भरोसा रखें और मौके को हां कहें, भले ही आप तैयार न हों।”
करियर में सबसे बड़ी गलती
जूली स्वीट के मुताबिक, प्रमोशन ठुकराना डर की वजह से सबसे बड़ी गलती है। उन्होंने JPMorgan Chase की पूर्व CFO दीना दुब्लोन की सलाह को याद किया, जिन्होंने कहा था कि अगर कोई आपको बड़ा रोल ऑफर करता है, तो इसका मतलब है कि वे आपकी काबिलियत पर भरोसा करते हैं। स्वीट का मानना है कि ऐसे मौके को नकारना न सिर्फ आपका आत्मविश्वास कम करता है, बल्कि दूसरों के भरोसे को भी ठेस पहुंचाता है। उनकी सलाह है- मौके को स्वीकार करें और मेहनत से उसमें महारत हासिल करें।
कॉन्फिडेंस का जादू
स्वीट कहती हैं कि करियर में कॉन्फिडेंस बहुत जरूरी है। Accenture में वे ऐसी टीमें बनाती हैं जो कॉन्फिडेंस, नम्रता और उत्कृष्टता से भरी हों। ऐसी टीमें हमेशा बदलाव को अपनाती हैं, पुरानी सोच को चुनौती देती हैं और स्ट्रैटेजी को रोजमर्रा के काम में ढालती हैं।
Accenture में ऐतिहासिक बदलाव
हाल ही में स्वीट ने 7,70,000 कर्मचारियों को कंपनी के सबसे बड़े रिस्ट्रक्चरिंग की जानकारी दी। 50 साल पुरानी कंपनी की संरचना को बदलकर इसे AI और डिजिटल जरूरतों के हिसाब से ढाला गया। उन्होंने पारंपरिक मेमो के बजाय वीडियो मैसेज से बदलाव की घोषणा की, ताकि कर्मचारियों को उनका जोश और विज़न महसूस हो सके।
स्वीट की अनोखी रणनीति
Accenture, जिसने 2024 में 64.9 बिलियन डॉलर की कमाई की, अब 120 देशों में 9,000 से ज्यादा क्लाइंट्स को AI, क्लाउड, डेटा एनालिटिक्स और साइबरसिक्योरिटी जैसी सेवाएं देती है। स्वीट ने बिजनेस यूनिट्स को जोड़कर क्लाइंट्स को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए एकीकृत समाधान दिए। उनका मकसद केवल लागत घटाना नहीं, बल्कि कंपनी को “पुनर्निवेश का पसंदीदा पार्टनर” बनाना था।
निष्कर्ष
जूली स्वीट की सलाह और लीडरशिप स्टाइल हर उस शख्स के लिए प्रेरणा है जो करियर में आगे बढ़ना चाहता है। डर को छोड़ें, मौके अपनाएं और कॉन्फिडेंस के साथ मेहनत करें। यही है सफलता का असली मंत्र।



