दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की अहमियत सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि विधवा बहू केवल ससुर की पैतृक संपत्ति से ही भरण-पोषण पा सकती है, स्वअर्जित संपत्ति से नहीं। यह फैसला हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम 1956 की धारा 19 पर आधारित है और भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बनेगा।
विधवा बहू का हक: हाईकोर्ट ने क्यों लिया पैतृक संपत्ति का फैसला?

